पटना : बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के प्रशासन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश दिया। कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को BCA का नया प्रशासक नियुक्त किया है। इस आदेश के बाद BCA की मौजूदा निर्वाचित बॉडी के अधिकार प्रशासक की मंजूरी के अधीन हो गए हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को ओडिशा हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह को BCA का प्रशासक नियुक्त किया था। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार करने में असमर्थता जताई। इसके बाद बुधवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को नया प्रशासक नियुक्त किया।
BCA के अहम फैसलों पर प्रशासक की मंजूरी जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BCA में होने वाले महत्वपूर्ण निर्णय प्रशासक की मंजूरी के अधीन रहेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि मौजूदा निर्वाचित बॉडी अब महत्वपूर्ण मामलों में प्रशासक की स्वीकृति के बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासक की नियुक्ति के बाद BCA के प्रशासन में उनकी भूमिका केंद्रीय हो गई है। संगठन के आगे के महत्वपूर्ण फैसलों और गतिविधियों को अब प्रशासक की मंजूरी के संदर्भ में देखा जाएगा।
मौजूदा निर्वाचित बॉडी की वैधता भी अदालत में चुनौती के अधीन
BCA की मौजूदा निर्वाचित बॉडी की वैधता का मामला भी अदालत के समक्ष विचाराधीन है। वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश ओम्बड्समैन की रिपोर्ट में मौजूदा बॉडी के गठन से संबंधित कुछ अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
20 अगस्त के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने ओम्बड्समैन की रिपोर्ट और सिफारिशों पर विचार करते हुए प्रशासक की नियुक्ति की थी। साथ ही जिला क्रिकेट संघों से संबंधित सत्यापन और आगे की चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी कार्रवाई की जानी थी।
18 सितंबर की आमसभा पर रोक
BCA की ओर से 18 सितंबर को आमसभा आयोजित करने की घोषणा की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस आमसभा पर रोक लगा दी गई है। अब BCA की आगामी गतिविधियां प्रशासक की भूमिका और अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेंगी।
सेलेक्शन कैंप को लेकर खिलाड़ियों में असमंजस
प्रशासक की नियुक्ति के बाद बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के बीच सेलेक्शन कैंप और अन्य क्रिकेट गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कहा कि बुधवार के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में क्रिकेट चयन प्रक्रिया को लेकर कोई अलग निर्देश नहीं दिया गया है।
उन्होंने इस विषय पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इतना जरूर स्पष्ट किया कि BCA के महत्वपूर्ण निर्णय प्रशासक की मंजूरी के अधीन रहेंगे।
नई बॉडी के गठन तक प्रशासक की भूमिका अहम
मौजूदा निर्वाचित बॉडी की वैधता अदालत में चुनौती के अधीन होने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों के बीच BCA के प्रशासन में प्रशासक की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। नई चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और नई बॉडी के गठन तक संगठन की प्रशासनिक गतिविधियों और महत्वपूर्ण निर्णयों पर प्रशासक की मंजूरी का प्रभाव रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासन, चुनाव प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की दिशा प्रशासक की कार्रवाई तथा अदालत के निर्देशों के अनुसार तय होगी।
