पटना : नगर निगम के संपत्ति कर संवर्धन अभियान का असर अब दिखने लगा है। बुधवार को निगम ने एक दिन में रिकॉर्ड 193 संपत्तियों का कर निर्धारण किया। वहीं, सभी छह अंचलों में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के दौरान 700 से अधिक संपत्तियों से करीब ₹56.55 लाख संपत्ति कर की वसूली की गई।
अभियान के तहत निगम की टीमें घर-घर पहुंचकर संपत्ति मालिकों से संपर्क कर रही हैं और उन्हें संपत्ति कर के संबंध में जागरूक कर रही हैं। इस दौरान 55 संपत्ति मालिकों ने स्व-कर पुनर्निर्धारण कराया, जबकि 23 संपत्तियों का निगम की टीम ने पेनाल्टी के साथ पुनर्मूल्यांकन किया।
पटना नगर निगम का लक्ष्य कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाना, पहले से निर्धारित कर की जांच करना और बकाया संपत्ति कर की वसूली करना है। इसके लिए निगम की टीमें संपत्तियों का विवरण सत्यापित करने के साथ कर निर्धारण, पुनर्निर्धारण और बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी करा रही हैं।
अंचलवार संपत्ति कर संग्रह
अजीमाबाद: 132 संपत्तियों से करीब ₹4.79 लाख
बांकीपुर: 96 संपत्तियों से करीब ₹7.42 लाख
कंकड़बाग: 120 संपत्तियों से करीब ₹7.42 लाख
नूतन राजधानी: 147 संपत्तियों से करीब ₹18.70 लाख
पाटलिपुत्र: 156 संपत्तियों से करीब ₹13.18 लाख
पटना सिटी: 56 संपत्तियों से करीब ₹5.02 लाख
30 सितंबर तक जमा करें बकाया संपत्ति कर
नगर निगम ने संपत्ति मालिकों से 30 सितंबर 2026 तक बकाया संपत्ति कर जमा करने की अपील की है। निगम के अनुसार, इसके बाद बकाया कर के भुगतान पर नियमानुसार 1.5 प्रतिशत विलंब शुल्क/दंड लागू होगा।
जिन संपत्तियों का अभी तक कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, उनके मालिक ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी या राजस्व पदाधिकारी से संपर्क कर निगम कर्मियों को घर या प्रतिष्ठान पर बुलाकर भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है।
आम लोगों की सुविधा के लिए पटना नगर निगम की ओर से ऑनलाइन, ऑफलाइन और डोर-टू-डोर सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निगम ने सभी संपत्ति मालिकों से समय पर कर भुगतान करने की अपील की है।
