पटना : दिवाली और छठ महापर्व को लेकर बिहार लौटने वाले प्रवासियों के लिए राहत की खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ और टिकटों की मारामारी को देखते हुए बिहार सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। 10 अक्टूबर से बिहार के लिए करीब 200 स्पेशल बसें चलाने की योजना है। इन बसों के जरिए दिल्ली समेत पांच राज्यों से यात्री बिहार पहुंच सकेंगे।
पांच राज्यों से बिहार के लिए चलेंगी स्पेशल बसें
शुरुआती चरण में बिहार को पांच राज्यों से जोड़ते हुए स्पेशल बसों का परिचालन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बसों का प्रस्तावित ब्योरा इस प्रकार है-
दिल्ली से बिहार : 40 बसें
पश्चिम बंगाल से बिहार : 40 बसें
उत्तर प्रदेश से बिहार : 60 बसें
हरियाणा से बिहार : 30 बसें
झारखंड से बिहार : 30 बसें
इस तरह कुल 200 स्पेशल बसों के संचालन की योजना है।
पटना में इन जगहों पर रुकेंगी बसें
पटना पहुंचने वाली स्पेशल बसों के लिए कई प्रमुख स्थानों पर ठहराव की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, गांधी मैदान और फुलवारीशरीफ में बसों के रुकने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा जीपीओ के पास बने मल्टी मॉडल हब पर भी बसों का ठहराव होगा।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा
स्पेशल बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहार के लोग त्योहार से पहले अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित बस के रूट, प्रस्थान समय, उपलब्ध सीट और लागू किराए की जानकारी आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म पर जरूर जांच लें।
मनमाना किराया वसूला तो होगी कार्रवाई
दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलने वाले बस संचालकों पर भी परिवहन विभाग की नजर रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक स्पेशल बसों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने पर जुर्माने के साथ रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
त्योहारों में बढ़ जाती है बिहार आने वालों की संख्या
दिवाली और छठ बिहार के सबसे बड़े पर्वों में शामिल हैं। इन त्योहारों के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे में ट्रेनों में सीटों की मांग काफी बढ़ जाती है।
स्पेशल बसों के संचालन से उन यात्रियों को एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिलेगा, जिन्हें ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है या जो सड़क मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं।
