पटना : प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु और वननेस मूवमेंट के संस्थापक श्री भगवान, जिन्हें श्री कल्कि भगवान के नाम से भी जाना जाता है, ने शुक्रवार सुबह महासमाधि प्राप्त की। उनके महासमाधि लेने की खबर के बाद देश-विदेश में मौजूद उनके अनुयायियों और भक्तों के बीच शोक की लहर है।
श्री भगवान ने चार दशकों से अधिक समय तक मानव चेतना के जागरण और आध्यात्मिक विकास के लिए कार्य किया। उन्होंने प्रेम, करुणा, आंतरिक स्वतंत्रता और एकत्व की भावना को अपने आध्यात्मिक संदेशों का आधार बनाया। उनके विचारों और शिक्षाओं से देश-विदेश में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।
श्री भगवान के पार्थिव शरीर को भक्तों के अंतिम दर्शन और प्रार्थना के लिए एकम क्षेत्र में दो दिनों तक रखा जाएगा। बुधवार से शुक्रवार दोपहर तक श्रद्धालु एकम क्षेत्र पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल, पटना की निदेशक श्रीमती मीरा सिन्हा ने श्री भगवान की महासमाधि पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री भगवान के विचारों और शिक्षाओं ने उन्हें भी प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि वह उनके विचारों से प्रेरणा लेकर उनके संदेशों को अपने जीवन में अपनाने और व्यवहार में उतारने का प्रयास करती हैं।
मीरा सिन्हा ने कहा कि श्री भगवान का प्रेम, करुणा, आंतरिक स्वतंत्रता और एकत्व का संदेश मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनकी आध्यात्मिक शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी।
उन्होंने श्री भगवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अनुयायियों और भक्तों के प्रति संवेदना व्यक्त की। श्रद्धालु एकम क्षेत्र पहुंचकर शांतिपूर्ण वातावरण में श्री भगवान को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे और उनके आध्यात्मिक संदेशों एवं शिक्षाओं को स्मरण करेंगे।
