पटना : बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एनडीए के भीतर ही बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की ओर से राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। विजय चौधरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बिहार में कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति है कि गठबंधन में शामिल किसी नेता को शर्मसार होने की जरूरत महसूस हो।
विजय चौधरी ने यह भी याद दिलाया कि चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उनकी पार्टी के दो मंत्री बिहार सरकार में भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध की घटनाओं को लेकर गंभीर है और कार्रवाई की जा रही है। हालिया दिनों में अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस पर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
अनंत सिंह के मामले पर क्या बोले विजय चौधरी?
मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह के जनसुराज पार्टी के एमएलसी उम्मीदवार के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी विजय चौधरी से सवाल किया गया। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि मामला पार्टी के संज्ञान में है और इस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।
अनंत सिंह और जेडीयू से जुड़े विवाद को लेकर पार्टी के स्तर पर चर्चा की बात पहले भी सामने आई है।
चिराग ने कानून-व्यवस्था पर उठाए थे सवाल
दरअसल, चिराग पासवान ने हाल में बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपराध की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए प्रशासन और कानून-व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाया था। समस्तीपुर की घटना के संदर्भ में चिराग ने सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी।
इससे पहले कानून-व्यवस्था को लेकर चिराग के रुख पर एनडीए के अन्य नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई। जीतन राम मांझी ने चिराग के बयान पर सवाल उठाते हुए सरकार की कार्रवाई का बचाव किया था। वहीं मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भी कहा था कि सरकार अपराध की घटनाओं पर कार्रवाई कर रही है।
एनडीए में बयानबाजी से बढ़ी हलचल
बिहार में आगामी विधान परिषद चुनावों से पहले एनडीए के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक होने से राजनीतिक हलचल बढ़ी है। चिराग पासवान की कानून-व्यवस्था संबंधी टिप्पणी और अनंत सिंह से जुड़ा विवाद इसी राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा है।
अब देखना होगा कि जेडीयू अनंत सिंह के मामले में क्या फैसला लेती है और कानून-व्यवस्था को लेकर एनडीए के भीतर चल रही बयानबाजी आगे किस दिशा में जाती है।
