सारण: सोनपुर के पूर्व विधायक डॉ. रामानुज प्रसाद ने सारण के जिला पदाधिकारी को दोबारा पत्र लिखकर सोनपुर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित और अब तक छूटे गांवों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान यानी जीआर राशि उपलब्ध कराने के साथ संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सामुदायिक रसोई, पशुओं के लिए चारा और बीमार लोगों के इलाज की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने पत्र में कहा है कि दिघवारा प्रखंड की कुरैया पंचायत के कुरैया, पुरुषोत्तमपुर, शुनपुर, अहिमनपट्टी और पगुराहा समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। वहीं, त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर, कनकपुर, त्रिलोकचक, गोसाईपुर, रघुनाथपुर, ककड़िया, इसमैला और टरवा गांव भी बाढ़ की चपेट में आए थे।
उन्होंने बताया कि सोनपुर प्रखंड की शिकारपुर पंचायत में बांध टूटने के कारण शिकारपुर गांव प्रभावित हुआ था। इसके अलावा डुमरी बुजुर्ग पंचायत के बभनगावा और शोभेपुर गांव में भी बाढ़ का असर रहा। पूर्व विधायक ने इन सभी प्रभावित गांवों को सरकारी स्तर पर बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. रामानुज प्रसाद ने कहा कि प्रभावित गांवों को बाढ़ग्रस्त घोषित कराने के लिए उन्होंने इससे पहले भी पत्रांक 118, दिनांक 15 सितंबर 2026 को आवेदन दिया था, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार, बाढ़ प्रभावित परिवारों में करीब 70 प्रतिशत परिवार अभी भी जीआर राशि से वंचित हैं। उन्होंने पात्र परिवारों को जल्द से जल्द अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोबारा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई शुरू की जाए, मवेशियों के लिए पर्याप्त पशुचारे की व्यवस्था की जाए और बीमार लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
