पटना : आगामी दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व को लेकर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पर्व के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
पर्व अवधि 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक रहेगी। इस दौरान राज्य के सभी 40 जिलों में विशेष प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि दुर्गा पूजा बड़ा त्योहार है और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही पूरे राज्य में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने को कहा।
पुलिस की बढ़ेगी दृश्यता, संवेदनशील जगहों पर तैनाती
पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने सभी जिलों में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने का निर्देश दिया है। संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र के लोगों को शामिल करने और पुलिसकर्मियों की व्यापक ब्रीफिंग कराने को कहा गया है।
बड़े पूजा पंडालों का फायर ऑडिट अनिवार्य
बड़े पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जिला अग्निशमन अधिकारियों द्वारा अनिवार्य फायर ऑडिट कराया जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया की भी लगातार निगरानी की जाएगी।
जुलूस और विसर्जन को लेकर सख्त नियम
मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जुलूस में शामिल 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग ली जाएगी। जुलूस के पूरे मार्ग की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी।
भड़काऊ गाने और आपत्तिजनक नारों पर रोक
जुलूस या पूजा पंडालों में भड़काऊ या उत्तेजक गाने, आपत्तिजनक नारे और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। ऐसी झांकी या चित्र भी प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे, जिससे किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, लाउडस्पीकर के लिए लाइसेंस जरूरी
पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल केवल अनुज्ञप्ति के साथ किया जा सकेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी डीजे ऑपरेटरों और लाउडस्पीकर मालिकों का अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होगा।
भीड़ और आपदा से निपटने की पूरी तैयारी
अधिक भीड़ वाले स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस, QRT, SDRF, CCTV कैमरे और वॉच टावर की व्यवस्था की जाएगी। रावण वध स्थलों और चिन्हित विसर्जन घाटों पर गोताखोर और बचाव दल तैनात रहेंगे।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सख्त और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान शांति भंग करने, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
