पटना : राजधानी पटना में 06 अक्टूबर को दोपहर के समय सायरन की आवाज सुनाई देगी। इसे लेकर आम लोगों को घबराने या किसी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। नागरिक सुरक्षा निदेशालय, बिहार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सायरन की आवाज केवल तकनीकी परीक्षण के लिए सुनाई देगी और इसका किसी वास्तविक आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है।
न्यू पुनाईचक, पटना स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में स्थापित आपातकालीन सायरन प्रणाली का तकनीकी परीक्षण 06 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच किया जाएगा। इस दौरान सायरन प्रणाली को जांचने के लिए निर्धारित परीक्षण ध्वनियां प्रसारित की जाएंगी।
तकनीकी परीक्षण के दौरान चेतावनी और हमला टलने जैसी निर्धारित सायरन ध्वनियां भी सुनाई दे सकती हैं। ऐसे में आम लोगों से अपील की गई है कि सायरन की आवाज सुनकर किसी तरह का भ्रम या भय न पालें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।
प्रशासन ने साफ किया है कि इस सायरन परीक्षण का किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आगजनी, बाढ़, भूकंप या किसी अन्य आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया आपातकालीन सायरन प्रणाली की कार्यक्षमता की जांच के लिए की जा रही है।
नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि 06 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच सायरन की आवाज सुनाई देने पर शांत रहें और घबराएं नहीं। किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाह को आगे बढ़ाने से बचें।
प्रशासन का उद्देश्य इस तकनीकी परीक्षण के जरिए आपातकालीन सायरन प्रणाली को पूरी तरह दुरुस्त और प्रभावी बनाए रखना है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जा सके। आमजन से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।
