पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हाईलेवल बैठक बुलाई। बैठक में राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था, हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है। इस बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी समेत पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
अपराध नियंत्रण पर अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री आवास पर चल रही इस बैठक में सरकार का मुख्य फोकस अपराधियों पर शिकंजा कसने और राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है। मुख्यमंत्री अधिकारियों से हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं की जानकारी ले रहे हैं। इसके साथ ही उन इलाकों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है, जहां अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
बैठक में अधिकारियों से यह भी जानकारी ली जा रही है कि अपराधियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं और पुलिस की कार्रवाई का कितना असर पड़ा है। अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री के सामने रखी जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने पर जोर दे रहे हैं।
इसके अलावा गंभीर आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की जा रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई समयबद्ध और प्रभावी हो।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस बैठक में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि किसी भी गंभीर मामले में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
कानून-व्यवस्था के साथ-साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है। पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अपराध नियंत्रण की रणनीति और पुलिस की जवाबदेही पर विचार किया जा रहा है।
बैठक के फैसलों पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री आवास पर चल रही इस हाईलेवल बैठक के बाद पुलिस-प्रशासन के लिए नए निर्देश जारी होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के अंतिम फैसलों और निर्देशों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण के लिए आगे कौन से कदम उठाती है।
