पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार को सुरक्षित बनाना और कानून-व्यवस्था बेहतर बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञेय अपराध, साइबर अपराध, मद्यनिषेध, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और आर्थिक अपराधों से संबंधित कार्यों की जानकारी दी।
जिलावार और थानावार तैयार होगी अपराधियों की सूची
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनकी पहचान की जाए। आदतन अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जरूरत के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत भी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने के साथ जिला दंगा निरोधी दस्ते के पुनर्गठन तथा विशेष कार्य बल को आधुनिक और मजबूत बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध के मामलों में त्वरित अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके।
डायल-112 की प्रतिक्रिया अवधि में होगा सुधार
आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और बेहतर बनाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक पुलिस सहायता जल्द पहुंचनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि बिहार में डायल-112 का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट या उससे कम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 17 मिनट बताया गया।
मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, प्रतिक्रिया समय में सुधार करने और तकनीक के इस्तेमाल से आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर अपराध नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक या गैरकानूनी सामग्री से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने तथा मुख्यालय स्तर से निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
नशे और आर्थिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। आर्थिक अपराधों के मामलों में अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई तथा मजबूत अनुसंधान और अभियोजन सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों और अश्लील या द्विअर्थी गीतों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार समेत पुलिस मुख्यालय और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
