डेस्क : बिहार में एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की है। इस फेरबदल में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बिहार लौटे 1998 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रत्न संजय को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें एडीजी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें अपर पुलिस महानिरीक्षक, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
लंबे समय बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बिहार लौटे रत्न संजय ने पुलिस मुख्यालय में योगदान दिया था। वह पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब गृह विभाग ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
सीवान में Shahabuddin के घर छापेमारी से चर्चा में आए थे रत्न संजय
रत्न संजय का नाम सीवान के चर्चित तेजाब कांड के दौरान हुई कार्रवाई से भी जुड़ा रहा है। उस समय सीके अनिल सीवान के जिलाधिकारी और रत्न संजय पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के प्रतापपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी।
बताया जाता है कि इस छापेमारी के दौरान आवास से पाकिस्तान में निर्मित हथियार बरामद किए गए थे। इनमें एके-47 राइफल भी शामिल थी, जिस पर पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मुहर होने की बात सामने आई थी।
हथियारों के अलावा जेवरात, नकदी और जंगली जानवरों की खाल बरामद होने की भी जानकारी सामने आई थी। इनमें शेर और हिरण की खाल शामिल बताई गई थीं।
इस कार्रवाई के बाद तत्कालीन डीएम सीके अनिल और एसपी रत्न संजय की भूमिका काफी चर्चा में रही थी। सीवान में अपराध के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई को उस दौर की बड़ी कार्रवाइयों में गिना गया।
अब रत्न संजय को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी मिलने के बाद बिहार पुलिस में उनकी नई भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कुल 6 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है।
