पटना: रिशु श्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। बुधवार यानि आज IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम 5 बजे समाप्त हुई।
सूत्रों के अनुसार, ED ने धर्मेंद्र कुमार से रिशु श्री के साथ उनके संबंधों, जान-पहचान और विदेश यात्रा से जुड़े सवाल पूछे। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच संपर्क कैसे हुआ और विदेश यात्रा का खर्च किसने उठाया था। जरूरत पड़ने पर धर्मेंद्र कुमार को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
6 IAS अधिकारियों को ED का समन
रिशु श्री से जुड़े मामले में ED बिहार के छह IAS अधिकारियों को समन भेज चुकी है। इनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव के नाम शामिल हैं।
इससे पहले सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS सुनील यादव से पूछताछ की गई थी। सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे। वहीं, योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था। अन्य अधिकारियों को भी 30 अक्टूबर तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद जांच तेज
रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया था। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।
कोर्ट की टिप्पणी के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच पर ध्यान बढ़ा। ED की ओर से IAS अधिकारियों को समन भेजे जाने को इसी मामले की पड़ताल से जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन है रिशु श्री?
रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार एवं मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई और ED की जांच में सरकारी टेंडरों से जुड़े कथित लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि रिशु श्री सरकारी अधिकारियों से कथित सांठगांठ कर टेंडरों की जानकारी पहले हासिल करता था। आरोप है कि टेंडर की शर्तों को प्रभावित कर अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम दिलाने की कोशिश की जाती थी। इसके बदले कमीशन के लेन-देन की आशंका भी जांच के दायरे में है। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
अधिकारियों की पोस्टिंग और 25 लाख रुपये के आरोप की जांच
जांच से जुड़े आरोपों के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अपनी पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करता था। जांच में मुमुक्षु चौधरी के बयान का भी उल्लेख किया गया था। आरोप है कि सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपये दिए गए थे। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण है।
IAS अधिकारियों और परिवारों की विदेश यात्राएं जांच के घेरे में
ED की जांच में IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का भी जिक्र आया था। आरोप के मुताबिक, रिशु श्री ने उनके परिवार के छह सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा कराए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।
इसी तरह, IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप जांच के दायरे में आया था। इस संबंध में कथित व्हाट्सऐप चैट का भी उल्लेख किया गया था। BMSICL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राओं को लेकर भी जांच एजेंसी जानकारी जुटा रही है।
ED इन यात्राओं और रिशु श्री से जुड़ी संस्थाओं को मिले सरकारी ठेकों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच में 265.73 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया है। एजेंसी कथित भ्रष्टाचार, संपत्ति और अधिकारियों के साथ संबंधों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
ED अधिकारियों को धमकी देने का भी आरोप
10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि वह समन से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा ले चुका था।
फिलहाल, ED की जांच का मुख्य फोकस सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, अधिकारियों के साथ रिशु श्री के संबंधों और विदेश यात्राओं पर है। IAS धर्मेंद्र कुमार से छह घंटे की पूछताछ के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी आगे किन तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करती है।
