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बिहार में पहले 12 मेगावाट के डेटा सेंटर का शुभारंभ, 10 हजार करोड़ के निवेश से बदलेगी राज्य की तस्वीर: सम्राट चौधरी

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पटना: बिहार में डिजिटल क्रांति और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में CtrlS के पहले 12 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में डेटा सेंटर की शुरुआत राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग विभाग और CtrlS कंपनी के बीच 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इससे राज्य में आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पांच साल में 1,000 मेगावाट डेटा सेंटर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले पांच वर्षों में बिहार में कम से कम 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने CtrlS कंपनी से राज्य में डेटा सेंटर क्षेत्र के विस्तार के लिए आगे आने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विकास से बिहार की अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वर्ष 2005 से 2025 के बीच बिहार में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुए हैं। अब इन सुविधाओं का लाभ उठाकर राज्य में औद्योगिक विकास को तेज करने की जरूरत है।

13 हजार एकड़ जमीन पर उद्योगों के विकास की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने करीब 13 हजार एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए आधार तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण समेत अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बन रहे एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधारभूत संरचनाओं को औद्योगिक विकास से जोड़कर निवेश के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।

बिहार का राजस्व 2 लाख करोड़ करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने बिहार की अर्थव्यवस्था और राजस्व बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट करीब 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व लगभग 70 हजार करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य राज्य के राजस्व को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए उद्योग, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में व्यापक विस्तार जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रही है, ताकि औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके।

बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत स्थापित हुआ डेटा सेंटर

CtrlS ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत राज्य में डेटा सेंटर स्थापित किया है। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने डेटा सेंटर परिसर का निरीक्षण किया और वहां संचालित कार्यों की जानकारी ली।

कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। CtrlS डेटासेंटर्स लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी सहित कंपनी के अन्य प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बिहार सरकार को उम्मीद है कि डेटा सेंटर और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश बढ़ने से राज्य में तकनीकी विकास को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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