पटना : बिहार शिक्षा विभाग में शिक्षकों के बाद अब विभागीय कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की तैनाती व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग करीब 10 हजार कर्मचारियों के तबादले और उनके कैडर में बदलाव की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत वर्षों से एक ही जिला या कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को राज्य के दूसरे जिलों में भी भेजा जा सकेगा। नई व्यवस्था लागू होने पर शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती का तरीका बदल सकता है।
पांच साल में एक बार हो सकता है तबादला
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, एक ही स्थान पर लगभग पांच साल तक काम करने के बाद कर्मचारियों का दूसरे जिले में तबादला किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य कार्यालयों में लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों की तैनाती में बदलाव करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, पांच साल की अवधि को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है।
नया कैडर बनने से पूरे बिहार में हो सकेगी पोस्टिंग
वर्तमान में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के कैडर अलग-अलग स्तरों पर निर्धारित हैं। कुछ कर्मचारियों का कैडर जिला स्तर का है, जबकि कुछ का प्रमंडल या राज्य स्तर का है। इस कारण उनका स्थानांतरण भी निर्धारित क्षेत्र तक सीमित रहता है।
नई व्यवस्था में कैडर के दायरे को व्यापक बनाने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने पर संबंधित कर्मचारियों को प्रशासनिक जरूरत के अनुसार बिहार के किसी भी जिले में तैनात किया जा सकेगा।
जरूरत के अनुसार होगा कर्मचारियों का पुनर्विन्यास
शिक्षा विभाग की योजना में रैशनलाइजेशन यानी कर्मचारियों का जरूरत के हिसाब से पुनर्विन्यास भी शामिल है। इसके तहत जिन कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां से कर्मियों को उन कार्यालयों में भेजा जा सकता है जहां कर्मचारियों की कमी है।
इससे जिला और क्षेत्रीय कार्यालयों में काम के बोझ के अनुसार कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्भरता होगी कम
विभागीय व्यवस्था में लंबे समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के कारण स्थानीय कामकाज और पुरानी फाइलों की जानकारी के लिए नए अधिकारियों को उन्हीं कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता है।
नई स्थानांतरण व्यवस्था के जरिए इस निर्भरता को कम करने और कार्यालयों में कामकाज को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
अभी प्रस्ताव को मिलनी है अंतिम मंजूरी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के स्तर से विभागीय कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था में बदलाव पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नियमावली लागू होने के बाद अब कार्यालयी कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था तैयार करने की कवायद चल रही है।
हालांकि, करीब 10 हजार कर्मचारियों से जुड़ी प्रस्तावित इस प्रक्रिया के नियम, कैडर की संरचना और तबादले की अंतिम समय-सीमा को लेकर आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है। अंतिम मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा कि नई व्यवस्था किस प्रकार लागू होगी।
