पटना : बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर आज, 30 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर बिहार के राजनीतिक और कानूनी गलियारों की नजर टिकी हुई है।
मृतक दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनंत सिंह को मिली जमानत को चुनौती दी है। याचिका में मांग की गई है कि पटना हाईकोर्ट द्वारा 19 मार्च 2026 को दिए गए जमानत के आदेश को रद्द किया जाए। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष होनी है।
क्यों रद्द कराना चाहते हैं अनंत सिंह की जमानत?
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई है कि पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त विचार किए बिना उन्हें जमानत दे दी थी। याचिका में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है। इससे पहले 13 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था।
मामले की पिछली सुनवाई 29 सितंबर को हुई थी। उस दौरान अनंत सिंह की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा के बसावनचक गांव में चुनाव प्रचार के समय हिंसक झड़प हुई थी। उस दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व राजद नेता दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।
दुलारचंद यादव उस समय मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उनका सामना अनंत सिंह के समर्थकों के काफिले से हुआ था। घटना के बाद अनंत सिंह पर हत्या के मामले में आरोप लगे और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस जांच में वाहन से कुचलने के कारण मौत होने की बात सामने आई थी, जबकि परिजनों ने गोली मारने के बाद वाहन से कुचलने का आरोप लगाया था। इस मामले में अनंत सिंह को न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया था।
मार्च में मिली थी हाईकोर्ट से जमानत
इस मामले में करीब चार महीने जेल में रहने के बाद पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को अनंत सिंह को जमानत दे दी थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गए थे। उन्होंने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीता था।
आज की सुनवाई से तय होगी आगे की कानूनी राह
सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई में सबसे अहम सवाल अनंत सिंह की जमानत को लेकर है। यदि शीर्ष अदालत जमानत रद्द करने का आदेश देती है, तो उनकी दोबारा जेल वापसी का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, केवल सुनवाई होने से उनकी गिरफ्तारी या जेल वापसी तय नहीं मानी जा सकती। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का वास्तविक आदेश महत्वपूर्ण होगा।
खास बात यह है कि दुलारचंद यादव की हत्या भी 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी और ठीक एक साल बाद इसी तारीख को उनकी हत्या से जुड़े मामले में अनंत सिंह की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
