पटना : बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपरलीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ने कथित तौर पर परीक्षा में धांधली से जुड़े आरोपी की करीब दो करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। ED की इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षा में पेपरलीक के जरिए अवैध कमाई करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और संपत्तियों में किए गए निवेश की पड़ताल कर रही है।
पेपरलीक से अवैध कमाई का आरोप
दरअसल, बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पेपरलीक और कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इस मामले में जांच के दौरान कई आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। आरोप है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों से पैसे वसूले गए और इस माध्यम से अवैध तरीके से बड़ी रकम अर्जित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब ED ने भी आर्थिक पहलुओं की जांच तेज कर दी है।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पेपरलीक के जरिए अर्जित की गई कथित अवैध कमाई का पता लगाना और उससे बनाई गई संपत्तियों को जब्त करना है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अवैध तरीके से हासिल की गई रकम का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों को खरीदने में किया। इसके साथ ही पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
दो करोड़ की संपत्ति जब्त, नेटवर्क की तलाश तेज
ED ने कार्रवाई करते हुए करीब दो करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया है। इस कार्रवाई को पेपरलीक मामले में आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में केवल एक आरोपी शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच के दायरे में कथित तौर पर अवैध कमाई के स्रोत, रकम के निवेश और उससे लाभ उठाने वाले अन्य लोगों की भूमिका जैसे पहलू शामिल हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि पेपरलीक से हासिल रकम किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के माध्यम से संपत्तियों में तो निवेश नहीं की गई।
भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल
ED की इस कार्रवाई ने बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए पेपरलीक जैसी घटनाएं चिंता का विषय रही हैं। ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी असर पड़ता है।
फिलहाल ED की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और कथित अवैध संपत्तियों को लेकर और खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी का अगला कदम पूरे आर्थिक नेटवर्क की पहचान करना और अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना होगा।







