पटना: बिहार में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के योगदान और उनके विचारों को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार यह पहल करेगी।
मुख्यमंत्री पटना के बापू सभागार में साझी विरासत अभियान की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल देश के सबसे मजबूत गृह मंत्रियों में से एक थे। आजादी के बाद अनेक रियासतों का भारत में विलय कराकर उन्होंने देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया।
2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित और आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सीएम ने राष्ट्रीय एकता और देश की मजबूती के लिए सरदार पटेल के विचारों को याद करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पटेल का जीवन देश को एक सूत्र में बांधने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
निशांत कुमार बोले- अखंड भारत के निर्माण में पटेल का योगदान अतुलनीय
पटना के अशोक कन्वेंशन केंद्र में भी सरदार पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय है। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने अनेक रियासतों का एकीकरण कर मजबूत और अखंड भारत की नींव रखी। निशांत कुमार ने कहा कि देश के इतिहास में सरदार पटेल का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
पटेल चौक पर राजकीय समारोह, CM ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
सरदार पटेल जयंती के अवसर पर पटना के पटेल चौक पर भी राजकीय समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम चितकोहरा पुल के निकट सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा परिसर में हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री विजय सिन्हा, डॉ. दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, शीला कुमारी, रत्नेश सादा और लखेन्द्र कुमार रौशन मौजूद रहे। विधायक श्याम रजक और संजीव चौरसिया सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतिमा की ऊंचाई और निर्माण स्थल का खुलासा नहीं
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब इस बात को लेकर उत्सुकता है कि प्रस्तावित प्रतिमा कहां स्थापित होगी और इसकी ऊंचाई कितनी होगी। फिलहाल घोषणा के दौरान निर्माण स्थल, बजट और निर्माण की समयसीमा की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने की यह घोषणा बिहार में उनके योगदान और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।







