पटना : बिहार सरकार राज्य के युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल कर रही है। इसके तहत डिजिटल मित्र योजना के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर, अंग्रेजी और कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी।
सरकार की यह पहल कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के संशोधित स्वरूप के तहत संचालित की जाएगी। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में ही 2.67 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
तीन महीने की होगी ट्रेनिंग, मिलेंगी आधुनिक डिजिटल स्किल्स
डिजिटल मित्र योजना के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण अधिकतम तीन महीने में पूरा होगा। इसमें युवाओं को केवल कंप्यूटर चलाने की जानकारी ही नहीं, बल्कि आधुनिक डिजिटल तकनीक और कार्यस्थल पर जरूरी व्यावहारिक कौशल भी सिखाए जाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से इन विषयों पर फोकस रहेगा:
– कंप्यूटर ट्रेनिंग: MS Word, Excel और PowerPoint का उपयोग।
– AI की जानकारी: ChatGPT, Microsoft Copilot जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल।
– डिजिटल प्लेटफॉर्म: Google Workspace और अन्य डिजिटल टूल्स की जानकारी।
– अंग्रेजी टाइपिंग: अंग्रेजी में टाइपिंग और कामकाजी भाषा का अभ्यास।
– कम्युनिकेशन स्किल: बातचीत, संवाद और कार्यस्थल पर बेहतर संचार।
– प्रोफेशनल ट्रेनिंग: नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रशिक्षण।
10वीं और 12वीं पास युवाओं को मिलेगा मौका
इस योजना के तहत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा।
– 12वीं पास युवा प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे।
– 10वीं पास युवाओं के लिए डिजिटल क्षेत्र में कम से कम डेढ़ साल का अनुभव जरूरी होगा।
– स्वयं सहायता भत्ता प्राप्त कर रहे युवा भी इस प्रशिक्षण में शामिल हो सकेंगे।
– APAAR ID के आधार पर क्रेडिट स्कोर प्राप्त करने वाले युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
सरकारी और निजी संस्थानों में मिलेगी ट्रेनिंग
युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, डिग्री कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और मॉडल स्कूल शामिल हैं।
इसके अलावा कुशल युवा कार्यक्रम के तहत संचालित 871 निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है। निजी प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
ट्रेनिंग के बाद इन क्षेत्रों में मिल सकते हैं रोजगार के अवसर
डिजिटल मित्र योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार कई क्षेत्रों में काम कर सकेंगे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
1. निजी कंपनियों में कंप्यूटर ऑपरेटर।
2. पंचायत और प्रखंड स्तर पर डिजिटल सहायक।
3. डिजिटल मार्केटिंग असिस्टेंट।
4. फूड कंपनियों में कंप्लायंस ऑफिसर।
5. डिजिटल सर्विस और कंसल्टेंसी से जुड़ा स्वरोजगार।
6. आईटी और अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़े कार्य।
इसके अलावा सरकार कुशल युवा कार्यक्रम के तहत सोलर तकनीक, ड्रोन, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, लैब टेक्नीशियन, ब्यूटी एवं वेलनेस, बेकरी, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण के विस्तार पर काम कर रही है।
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है डिजिटल मित्र योजना?
आज के समय में नौकरी के लिए केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं रह गई है। कंपनियों में कंप्यूटर, AI टूल्स, अंग्रेजी संवाद और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी की मांग बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल मित्र योजना के जरिए बिहार के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनकी रोजगारपरक क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
अब देखना होगा कि अगले पांच वर्षों में 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का यह लक्ष्य किस तरह जमीन पर उतरता है और इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के कितने नए अवसर मिलते हैं।
