पटना/नई दिल्ली : बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों की स्थापना, निर्यात को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में राज्य में 100 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने और निवेशकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए एस्क्रो अकाउंट की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
निवेशकों को समय पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बैठक में बिहार में निवेश करने वाले उद्यमियों और उद्योगपतियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर चर्चा हुई। इसके लिए एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) की व्यवस्था विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसका उद्देश्य निवेशकों को मिलने वाली सरकारी प्रोत्साहन राशि के वितरण को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है।
इसके अलावा पटना में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विभिन्न कार्यालयों और संबद्ध संस्थाओं के लिए एकीकृत वाणिज्य भवन स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी बातचीत हुई। इससे उद्योगपतियों, निर्यातकों और निवेशकों को एक ही परिसर में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
गया के IMC प्रोजेक्ट में केंद्र से आर्थिक सहयोग पर चर्चा
गयाजी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की अतिरिक्त लागत में केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी को लेकर भी चर्चा की गई। इस संबंध में केंद्रीय वाणिज्य सचिव, बिहार के उद्योग विभाग के सचिव और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) के प्रबंध निदेशक के बीच संयुक्त बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। इस बैठक में परियोजना की अतिरिक्त लागत और उसमें केंद्र सरकार की संभावित वित्तीय भागीदारी का आकलन किया जाएगा।
बिहार के उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच बिहार के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए निर्यात संवर्धन पर भी विशेष चर्चा हुई। इसके तहत निर्यात करने के इच्छुक उद्यमियों और कारोबारियों की सूची तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की बात कही गई।
इन उद्यमियों को निर्यात संवर्धन परिषदों की गतिविधियों से जोड़ने पर भी विचार किया गया, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार, निर्यात प्रक्रिया और व्यापार के नए अवसरों का लाभ मिल सके। इसके साथ ही भारतीय चाय बोर्ड में बिहार से एक सदस्य को प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
बिहार में बनेगा 100 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर
बैठक में बिहार के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए समर्पित डेटा सेंटर नीति तैयार करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही बिहार में 100 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने की दिशा में प्रयास तेज करने पर बल दिया गया।
इससे राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और आधुनिक तकनीकी आधारभूत संरचना के विकास का रास्ता भी खुल सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की इस मुलाकात को बिहार में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात और डिजिटल विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







