पटना : छठ महापर्व से पहले हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि छठ पर घर लौटने वाले बिहारियों से हवाई किराये के नाम पर भारी वसूली हो रही है और इसमें सरकार भी भागीदार बनी हुई है।
पटना में मंगलवार, 3 नवंबर को मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि मुंबई और दिल्ली से बिहार आने के लिए हवाई टिकट 30 से 50 हजार रुपये तक में मिल रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि विमान किराये की अधिकतम सीमा 10 से 12 हजार रुपये तय की जाए।
छठ पर घर लौटने वालों के लिए विशेष ट्रेन और विमान चलाने की मांग
मुकेश सहनी ने कहा कि छठ बिहार का सबसे बड़ा पर्व है। हर बिहारी अपने परिवार के साथ यह त्योहार मनाना चाहता है, लेकिन महंगे हवाई टिकट और ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों के दौरान विशेष ट्रेनें और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन इस बार बिहारियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। सरकार को छठ के मौके पर घर लौटने वाले लोगों के लिए विशेष ट्रेनें और विमान चलाने चाहिए।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
मुकेश सहनी ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और गुंडागर्दी का माहौल है तथा सरकार अपराध पर नियंत्रण करने में विफल है।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बैसाखी के सहारे चल रही है और मुख्यमंत्री के पास स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की शक्ति नहीं है। उनके मुताबिक, दिल्ली के इशारे पर सरकार चलने के कारण राज्य का विकास और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
दो लाख रुपये और मुफ्त बिजली की घोषणा पर सवाल
सहनी ने सरकार की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दो लाख रुपये देने और 125 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं के लिए सरकार के पास ठोस आर्थिक योजना होनी चाहिए। बिना योजना के घोषणाएं करने से राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
निर्दलीय एमएलसी के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना
निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मामले पर मुकेश सहनी ने भाजपा पर जदयू को कमजोर करने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दोनों निर्दलीय सदस्यों को चुनाव जिताने में भाजपा ने मदद की और बाद में उन्हें अपने साथ मिला लिया। सहनी ने इसे जदयू की पीठ में खंजर घोंपने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि सदस्यता का मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में जाएगा और वहां के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
घुसपैठियों के आंकड़ों पर केंद्र से मांगा जवाब
घुसपैठ के मुद्दे पर भी मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि पहले 14 करोड़ और फिर तीन करोड़ घुसपैठियों की बात कही गई, तो उनकी सूची कहां है? सरकार बताए कि वे कहां हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
सहनी ने आरोप लगाया कि भाजपा आंकड़ों के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रहे हैं, वही सड़क पर उतरकर लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं।







