Homeराज्यअनंत सिंह की विधायकी पर फैसला कब? स्पीकर प्रेम कुमार ने बताया...

अनंत सिंह की विधायकी पर फैसला कब? स्पीकर प्रेम कुमार ने बताया पूरा प्लान, 7 दिन में देना होगा जवाब

पटना : बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर मामला लगातार चर्चा में है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधायकी पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस बीच बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस मामले में आगे की कार्रवाई का पूरा खाका स्पष्ट कर दिया है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से अनंत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर यह जवाब देना होगा कि उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त क्यों नहीं की जाए।

जेडीयू की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई

दरअसल, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को पत्र लिखकर अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। पार्टी का आरोप है कि अनंत सिंह ने विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया था।

आरोप के मुताबिक, अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके पक्ष में प्रचार भी किया। इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए जेडीयू ने 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

इसके बाद 26 अक्टूबर को जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की अनुशंसा की थी।

स्पीकर ने बताया क्या है पूरा प्लान?

30 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा था कि उन्हें जेडीयू की ओर से अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने को लेकर पत्र मिला है। मामले में सभी आरोपों और दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि किसी भी निर्णय से पहले अनंत सिंह का पक्ष जानना जरूरी है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। वह लिखित जवाब दे सकते हैं या व्यक्तिगत रूप से भी अपना पक्ष रख सकते हैं।

दोनों पक्षों की बात सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करने के बाद ही उनकी विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विधानसभा सचिवालय ने जारी किया नोटिस

इस बीच 2 नवंबर 2026 को विधानसभा सचिवालय ने अनंत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। विधानसभा के प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह की ओर से जारी नोटिस में उनसे सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

जेडीयू की शिकायत में अखबारों की कटिंग, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। अब विधानसभा अध्यक्ष इन साक्ष्यों और अनंत सिंह की ओर से दिए जाने वाले जवाब के आधार पर मामले की आगे समीक्षा करेंगे।

कब आएगा अनंत सिंह की विधायकी पर फैसला?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह की विधायकी पर अंतिम फैसला कब आएगा? फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अंतिम निर्णय के लिए कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

पहले अनंत सिंह को नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद उनके जवाब और जेडीयू की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों की समीक्षा होगी। जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष अपना निर्णय सुनाएंगे।

गौरतलब है कि केवल पार्टी से निष्कासित कर देने से किसी विधायक की विधानसभा सदस्यता अपने आप समाप्त नहीं होती। इस मामले में दल-बदल विरोधी कानून और संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत निर्णय लिया जाना है।

फिलहाल अनंत सिंह की विधायकी बरकरार है। अब सबकी नजर उनके जवाब और विधानसभा अध्यक्ष के अंतिम फैसले पर टिकी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments