अबुजा, 18 अगस्त : अमेरिका ने नाइजीरिया के बंदरगाहों से आने वाले जहाजों पर लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंधों को 12 साल से अधिक समय बाद हटा दिया है। नाइजीरिया के समुद्री एवं ब्लू इकोनॉमी मंत्री अदेगबोयेगा ओयेटोला ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस फैसले से नाइजीरियाई बंदरगाहों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने और शिपिंग लागत में कमी आने की उम्मीद है।
अमेरिकी तटरक्षक बल ने जून 2014 में ‘कंडीशंस ऑफ एंट्री’ के तहत ये प्रतिबंध लगाए थे। इनके तहत कुछ नाइजीरियाई बंदरगाहों पर रुकने के बाद अमेरिका जाने वाले जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा उपायों का पालन करना और अमेरिकी जलक्षेत्र में प्रवेश से पहले कड़ी जांच से गुजरना पड़ता था।
अमेरिकी तटरक्षक बल ने उस समय कहा था कि नाइजीरियाई बंदरगाहों में आतंकवाद-रोधी सुरक्षा उपाय प्रभावी नहीं थे। इसमें कानूनी ढांचे, समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण की निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और माल संभालने की प्रक्रियाओं में कमियां बताई गई थीं।
ओयेटोला ने कहा कि प्रतिबंध हटाने का फैसला नाइजीरिया के समुद्री सुरक्षा ढांचे में सुधार और इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड (आईएसपीएस कोड) के अनुपालन के बाद लिया गया है।
अब नाइजीरियाई बंदरगाहों पर रुककर अमेरिका जाने वाले जहाजों को पहले लागू अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा। नाइजीरियाई मंत्री के मुताबिक, इससे जहाजों के बंदरगाह पर लगने और निकलने में लगने वाला समय कम होगा, समय-सारणी बेहतर होगी और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के लिए नाइजीरियाई बंदरगाह अधिक आकर्षक बनेंगे।
नाइजीरियाई समुद्री प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी तटरक्षक बल ने मार्च 2024 से अप्रैल 2026 के बीच नाइजीरिया की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और बंदरगाह सुविधाओं का चार बार आकलन किया था।
उद्योग जगत लंबे समय से इन प्रतिबंधों को लेकर शिकायत करता रहा था। उसका कहना था कि अतिरिक्त जांच, दस्तावेजी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के कारण परिचालन लागत बढ़ी, जहाजों की आवाजाही में देरी हुई तथा माल ढुलाई और बीमा की लागत भी बढ़ी।
