प्रयागराज, 18 अगस्त : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित धूमनगंज थाना की पुलिस टीम ने मंगलवार को माफिया अतीक अहमद के गैंग से जुड़े सदस्य जय प्रकाश दुबे उर्फ जेपी दुबे की लगभग 25 करोड़ रुपये कीमत की 7,482.66 वर्गमीटर अचल संपत्ति को कुर्क किया है। यह जानकारी मंगलवार को पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत यह कार्रवाई की गई। कुर्क की गई संपत्तियां एयरपोर्ट थाना क्षेत्र समेत सदर तहसील के अलग-अलग गांवों में स्थित हैं।
पुलिस के अनुसार जय प्रकाश दुबे उर्फ जेपी दुबे के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में गैंगस्टर एक्ट और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस जांच में उसके द्वारा लोगों को धमकाकर और भय का माहौल बनाकर अवैध तरीके से धन अर्जित करने की बात सामने आई।
पुलिस ने विवेचना के दौरान उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित किया। इसके बाद चार स्थानों पर स्थित कुल 10 भूखंडों, जिनका कुल क्षेत्रफल 7,482.66 वर्गमीटर है, को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क करने की कार्रवाई की गई। इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 25 करोड़ रुपये बताया गया है।
कुर्क की गई संपत्तियां मौजा शैला उर्फ पीपलगांव, मौजा रहीमाबाद, मौजा कटहुला गौसपुर और मौजा चन्द्रमानपुर, परगना एवं तहसील सदर, प्रयागराज में स्थित हैं। पुलिस ने इन संपत्तियों पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा कब्जा या अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित थाना प्रभारी को प्रशासक नियुक्त किया है।
पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा कि अपराध और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। गैंगस्टर और संगठित अपराध में शामिल अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार कुर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर प्रकरण की विवेचना के दौरान अभियुक्त की संपत्तियों से संबंधित अभिलेख और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इन संपत्तियों को अवैध रूप से अर्जित किए जाने के संबंध में अपना पक्ष रखा। इसके बाद पुलिस आयुक्त न्यायालय ने 17 अगस्त को संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर अपराधियों के आर्थिक स्रोतों पर रोक लगाना और आम लोगों में कानून का भरोसा मजबूत करना है।
