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RTI की धारा-4 के अनुपालन पर बिहार सरकार सख्त, सचिव से लेकर DM-SP तक को निर्देश

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पटना: सूचना का अधिकार यानी RTI Act की धारा-4 के तहत सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण सूचनाओं को स्वतः सार्वजनिक करने की व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार ने सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि आम लोगों को जरूरी सरकारी जानकारी हासिल करने के लिए बार-बार RTI आवेदन दाखिल करने की जरूरत न पड़े।

बिहार के सरकारी जिला पोर्टलों पर भी RTI Act की धारा 4(1)(b) के तहत विभागों की संरचना, अधिकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य, निर्णय लेने की प्रक्रिया, बजट, योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के सक्रिय प्रकटीकरण की व्यवस्था उपलब्ध है।

धारा-4 में क्या है प्रावधान?

RTI Act की धारा 4 के तहत सार्वजनिक प्राधिकरणों को अपने कामकाज से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्वतः सार्वजनिक करनी होती हैं।

इसमें विभाग की संरचना, अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां, निर्णय लेने की प्रक्रिया, नियम-कायदे, बजट, योजनाओं पर खर्च, लाभार्थियों और अधिकारियों से संबंधित कई जानकारियां शामिल हैं।

इस प्रावधान का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

सरकार का जोर- जानकारी मांगने से पहले ही मिले

धारा-4 का मूल उद्देश्य यही है कि आम नागरिकों को ऐसी सूचनाओं के लिए अलग से RTI आवेदन न करना पड़े, जिन्हें सरकार या संबंधित विभाग पहले से सार्वजनिक कर सकता है।

सरकारी संस्थानों को अपनी वेबसाइट और अन्य माध्यमों से जरूरी सूचनाएं नियमित रूप से अपडेट करने की व्यवस्था करनी होती है।

सचिव से लेकर जिलास्तर के अधिकारियों तक जिम्मेदारी

सरकार की ओर से विभागीय स्तर पर RTI से संबंधित सूचनाओं को व्यवस्थित और समय पर सार्वजनिक करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसमें विभागीय सचिवों के साथ-साथ जिलास्तर पर काम करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विभाग से जुड़ी अनिवार्य सूचनाएं निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध हों।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन पर भी जोर

सरकार की ओर से यह स्पष्ट करने पर जोर है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और RTI कानून के प्रावधानों का पालन प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी तरीके से हो।

यदि किसी न्यायिक आदेश के अनुपालन में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय करने की जरूरत होगी।

RTI आवेदनों का बोझ कम करना उद्देश्य

यदि विभाग धारा-4 के तहत आवश्यक सूचनाएं नियमित रूप से सार्वजनिक करते हैं, तो नागरिकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए RTI आवेदन करने की जरूरत कम होगी।

इससे एक ओर आम लोगों को आसानी से जानकारी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों पर RTI आवेदनों के जवाब देने का अतिरिक्त बोझ भी कम हो सकता है।

सरकारी वेबसाइटों पर बढ़ेगी पारदर्शिता

RTI Act के तहत सक्रिय प्रकटीकरण में सरकारी संस्थानों से संगठनात्मक ढांचे, अधिकारियों की जिम्मेदारियों, निर्णय प्रक्रिया, बजट और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को सार्वजनिक करने की अपेक्षा की जाती है।

बिहार के विभिन्न जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर ऐसी जानकारियां पहले से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर खगड़िया और सारण जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर धारा 4(1)(b) के तहत अलग-अलग सूचनाएं सूचीबद्ध हैं।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

अगर धारा-4 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं, अधिकारियों की जिम्मेदारियों, बजट, नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी कई जानकारियां सीधे ऑनलाइन मिल सकती हैं।

इससे सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और नागरिकों की सूचना तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

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