पटना : पटना नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रहण अभियान के अंतिम दिन बुधवार को रिकॉर्ड बनाया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत शाम 7 बजे तक 1,900 से अधिक संपत्तिधारकों से 3.61 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर संग्रह किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में यह एक दिन में अब तक का सर्वाधिक संपत्ति कर संग्रहण है।
नगर निगम ने इस उपलब्धि के साथ 30 जून को एक दिन में हुए 3.36 करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। संपत्ति कर भुगतान की अंतिम तिथि होने के कारण बुधवार को निगम के सभी अंचलों के टैक्स काउंटरों पर सुबह से ही संपत्तिधारकों की भीड़ रही। आम लोगों की सुविधा को देखते हुए सभी टैक्स काउंटर देर रात तक खुले रखने की व्यवस्था की गई है।
नूतन राजधानी अंचल सबसे आगे
बुधवार को संपत्ति कर संग्रहण में नूतन राजधानी अंचल ने सबसे अधिक योगदान दिया। यहां 397 संपत्तियों से करीब 2.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अजीमाबाद अंचल में 333 संपत्तियों से करीब 28.83 लाख रुपये, बांकीपुर अंचल में 271 संपत्तियों से 23.62 लाख रुपये, कंकड़बाग अंचल में 293 संपत्तियों से 40.60 लाख रुपये, पाटलिपुत्र अंचल में 449 संपत्तियों से करीब 50 लाख रुपये और पटना सिटी अंचल में 175 संपत्तियों से 10.32 लाख रुपये का संग्रहण हुआ।
ये आंकड़े बुधवार शाम 7 बजे तक के हैं। देर रात तक टैक्स काउंटर खुले रहने के कारण अंतिम संग्रहण में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
303 नई संपत्तियां कर के दायरे में
रिकॉर्ड राजस्व संग्रहण के साथ निगम ने नई संपत्तियों को कर के दायरे में लाने में भी उपलब्धि हासिल की। बुधवार को एक ही दिन में 303 नई संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया।
अजीमाबाद में 60, बांकीपुर में 29, कंकड़बाग में 61, नूतन राजधानी में 80, पाटलिपुत्र में 55 और पटना सिटी में 18 नई संपत्तियों का कर निर्धारण हुआ।
81 संपत्तियों का हुआ पुनर्निर्धारण
संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता और राजस्व की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कर पुनर्निर्धारण की कार्रवाई भी की गई। बुधवार को 64 संपत्तिधारकों ने स्वयं अपनी संपत्ति का कर पुनर्निर्धारण कराया।
वहीं, निगम की जांच टीम ने कर निर्धारण में विसंगतियां मिलने पर 17 संपत्तियों का पुनर्निर्धारण किया और नियमानुसार पेनाल्टी भी लगाई। इस तरह एक दिन में कुल 81 संपत्तियों के कर का पुनर्निर्धारण किया गया।
नगर निगम की इस कार्रवाई से एक ओर जहां संपत्ति कर संग्रहण में नया रिकॉर्ड बना है, वहीं नई संपत्तियों को कर व्यवस्था में शामिल करने और कर निर्धारण में विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया को भी गति मिली है।
