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बख्तियारपुर-फतुहा के बीच बनेगी तीसरी-चौथी रेल लाइन, 931 करोड़ की लागत से होगा निर्माण; ट्रेनों का दबाव होगा कम

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पटना : बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेलवे की ओर से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में बख्तियारपुर से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 24 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 931 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

रेलवे बोर्ड से मिली मंजूरी

जानकारी के मुताबिक, रेलवे बोर्ड की ओर से बख्तियारपुर-फतुहा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दे दी गई है। परियोजना के लिए करीब 6.6 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नवंबर से शुरू हो सकती है।

राजस्व विभाग और रेल प्रशासन ने सर्वे का काम पूरा करने के बाद जमीन अधिग्रहण से संबंधित नोटिफिकेशन भी तैयार कर लिया है। इससे आगे मुआवजा वितरण और जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पटना-डीडीयू और पटना-हावड़ा रूट पर घटेगा दबाव

नई रेल लाइन बनने के बाद पटना से पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) और पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल बख्तियारपुर और फतुहा के बीच ट्रेनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय लग जाता है। तीसरी और चौथी लाइन तैयार होने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होंगे।

बढ़ाई जा सकती है ट्रेनों की संख्या

नई रेल लाइन के निर्माण से पटना-बख्तियारपुर-मोकामा रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। अतिरिक्त ट्रैक मिलने से परिचालन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेनों के दबाव को कम किया जा सकेगा।

डीडीयू-पटना-झाझा रेलखंड का हिस्सा

बख्तियारपुर-फतुहा के बीच बनने वाली तीसरी और चौथी रेल लाइन डीडीयू-पटना-झाझा रेलखंड को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजना का हिस्सा है। इस रेलखंड पर अलग-अलग हिस्सों में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।

परियोजना पूरी होने के बाद पटना और आसपास के क्षेत्रों में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने के साथ यात्रियों और माल परिवहन दोनों के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होंगे।

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