नई दिल्ली/पटना : दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन ने कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे पर महारैली आयोजित की। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत करीब 20 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। रैली में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी हिस्सा लिया और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव बोले- लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए एकजुट हुआ विपक्ष
रामलीला मैदान में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दल एकजुट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश करते हैं, वे ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक है।
SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
इस महारैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। विपक्ष ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की।
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग भी उठाई। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा मतदान के अधिकार की रक्षा करने की बात कही।
राहुल गांधी, खड़गे और अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान वोटों की चोरी हुई है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों का जिक्र करते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव पर भी सवाल उठाए।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की और कहा कि विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
करीब 20 विपक्षी दलों के नेता हुए शामिल
रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद रहे। नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च भी निकाला।
वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए रैली को राजनीतिक प्रदर्शन बताया। बीजेपी नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की।
दिल्ली के रामलीला मैदान से आयोजित इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं। बिहार की राजनीति के लिहाज से भी तेजस्वी यादव की इस रैली में भागीदारी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उन्होंने विपक्षी गठबंधन के मंच से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का मुद्दा उठाया।







