पटना : बिहार में 30 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है। कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन, सड़क यातायात और किसानों की फसलों पर पड़ने की संभावना है।
इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बक्सर, गोपालगंज, सीवान और पश्चिमी चंपारण में 30 अक्टूबर को अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, औरंगाबाद, भभुआ (कैमूर), दरभंगा, पूर्वी चंपारण, रोहतास और सीतामढ़ी समेत कुछ अन्य जिलों में भारी बारिश के आसार हैं।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
पटना समेत कई जिलों में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना समेत दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। पटना के लिए जारी पूर्वानुमान में 30 अक्टूबर को सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बताई गई है। अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, बारिश की तीव्रता जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
खरीफ फसलों की कटाई के इस दौर में बारिश किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। खेतों में तैयार फसल और कटाई के बाद खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें। खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढकें और खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था करें। खराब मौसम के दौरान कटाई का काम करने से बचें।
वज्रपात और तेज हवा से रहें सावधान
बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
– बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
– पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें।
– तेज हवा के दौरान टिन की छतों और अस्थायी निर्माणों से दूर रहें।
– जलजमाव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखें।
– मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।







